गोरखपुर, स्वतंत्रता अपने शहीदों द्वारा अमर है, बलिदान देशभक्ति का सार है, बहादुर कभी नहीं मरते, उनकी विरासत जिंदा रहती है, शहीद दिवस उन सपूतों की याद दिलाता है जो अपने प्राणों की आहुति देकर देश को आजादी दिलाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज 23 मार्च, शहीद दिवस के अवसर पर समाधान वेलफेयर फाउंडेशन के जनक पंडित रामकृष्ण शरण मणि त्रिपाठी ने स्वर्गीय सुधा बिंदु त्रिपाठी द्वारा रचित पुस्तक जो आजादी पूर्व लिखी गई थी , प्रसिद्ध पुस्तक "आजादी क्यों" का विमोचन असुरन चौराहे के पास स्थित रैंकर्स इंस्टीट्यूट के सभागार में संपन्न किया। इस अवसर पर प्रसिद्ध समाजसेवी जेडी मिश्रा ने बताया कि, आज का दिन हमें उन वीर सपूतों की याद दिलाता है, जिन्होंने हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दे दी। आज का दिन हमारे लिए अविस्मरणीय है।सर्वप्रथम भगत सिंह,राजगुरु और वीर सपूत सुखदेव जी के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलित एवं पुष्पांजलि अर्पित किया गया। उपस्थित छात्र, छात्राओं द्वारा शहीद दिवस की याद में देशभक्ति गीत एवं संगीत प्रस्तुत किया गया। विशिष्ट अतिथि,प्रबुद्धजनों और समाजसेवी ने अपने-अपने विचारों को व्यक्त किया। पंडित रामकृष्ण शरण मणि त्रिपाठी ने बताया कि आज शहीद दिवस के अवसर पर प्रसिद्ध पुस्तक "आजादी क्यों" पुस्तक का विमोचन किया गया है। स्वतंत्रता आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सपूतों को याद किया गया। हमारे युवा कारणधारों, बच्चों को वीरों की शहादत को याद करना चाहिए, कितने परिश्रम से आजादी मिली, इसकी रक्षा करने का उत्तरदायित्व युवा वर्ग के ऊपर ही निर्भर है। इस आजादी मतवालों के बलिदान दिवस के अवसर पर केंद्रीय विद्यालय के भूतपूर्व प्राचार्य कृष्ण नारायण गुप्त, राजेश कुमार सिंह, रजनीकांत मणि त्रिपाठी, अंशुमाली धर दुबे,ओमप्रकाश सिंह, राजीव तिवारी,सुनील कुमार पाण्डेय, सुनील मणि त्रिपाठी अलका सिंह, विमला देवी, अंबुज मिश्रा, आदित्य, सौम्या, सुभाशी सिंह, रवि चौधरी, आयुष मणि त्रिपाठी,दुर्गेश मिश्रा, विकाश वर्मा सुयश श्रीवास्तव, विशाल सिंह, विश्वनाथ सिंह आदि सम्मानित जन उपस्थित थे।
समाधान वेलफेयर फाउंडेशन के तत्वाधान में शहीद दिवस के अवसर पर आजादी क्यों पुस्तक का हुआ विमोचन